Home राजनीति Bihar Politics : पीएम मोदी के हनुमान नहीं होंगे निराश, मांझी और कुशवाहा भी होंगे खुश! जानिये एनडीए में कौन पाएगा कितना हिस्सा?
राजनीति

Bihar Politics : पीएम मोदी के हनुमान नहीं होंगे निराश, मांझी और कुशवाहा भी होंगे खुश! जानिये एनडीए में कौन पाएगा कितना हिस्सा?

Share
PM Modi's Hanuman will not be disappointed
मांझी और कुशवाहा भी होंगे खुश
Share

बिहार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन एनडीए में सीट बंटवारे का पेंच अभी भी फंसा हुआ है. हालांकि, इसको लेकर चल रही चर्चाएं इस बार सकारात्मक लग रही हैं. जानकारी के अनुसार, लंबे इंतजार के बाद जेडीयू, बीजेपी और एनडीए के अन्य घटक दलों के बीच सहमति बनने लगी है जिससे लगता है कि बहुत जल्द सीट बंटवारे की घोषणा हो सकती है.

PM Modi's Hanuman will not be disappointed
मांझी और कुशवाहा भी होंगे खुश

खास बात यह है कि इस बार चिराग पासवान को भी उनके वफादार सहयोग का उचित हिस्सा मिलने की उम्मीद है जो चुनावी समीकरणों को और दिलचस्प बनाएगा. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने को अब बस कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक सीट बंटवारे को लेकर सियासी कयासों का बाजार गरमा हुआ है.

इस बीच एनडीए के अंदर से जो संकेत मिल रहे हैं, वे एक उम्मीद जगाते हैं कि इस बार सीट बंटवारा जल्द ही साफ तौर पर सामने आएगा. बीजेपी, जेडीयू और अन्य घटक दलों के बीच धीरे-धीरे बन रही सहमति बिहार चुनाव की दिशा तय करेगी और इस गठबंधन की ताकत को भी परखने का मौका देगी.

खास बात यह है कि इस बार सबकी नजरें अमित शाह के दौरे पर टिकी हैं जो इस पूरे समीकरण को अंतिम रूप देने वाले हैं.जानकारी के अनुसार, जेडीयू और बीजेपी के बीच लगभग बराबर-बराबर सीटें बांटने पर सहमति बन रही है. छोटे घटक दलों को भी उचित हिस्सेदारी देने की तैयारी है.

चिराग पासवान को तीसरा सबसे बड़ा हिस्सा मिल सकता है. जेडीयू और बीजेपी के बीच 102-103 सीटों का बंटवारा तय होने के करीब है, इससे एनडीए की चुनावी तैयारी को मजबूती मिलेगी. सीट बंटवारे का बड़ा ऐलान अमित शाह के बिहार दौरे के दौरान होने की जानकारी सामने आई बताया जा रहा है कि एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संपर्क और बातचीत चल रही है.

सूत्र बताते हैं कि जेडीयू और बीजेपी के बीच लगभग बराबर-बराबर सीट बांटने पर सहमति बन रही है. 102-103 सीटें दोनों दलों के लिए प्रस्तावित हैं. इसके अलावा, एनडीए के अन्य घटक दलों के लिए भी सीटों का इंतजाम किया जा रहा है. इस बात का संकेत यह भी है कि अब एनडीए के भीतर सामंजस्य काफी हद तक बना हुआ है.

एनडीए में शामिल छोटे दलों-जैसे चिराग पासवान की लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी सीटें मिलेंगी. खासतौर पर चिराग पासवान को तीसरे सबसे बड़े घटक दल के तौर पर 20-22 सीटें मिलने की संभावना लग रही है.

वहीं जीतन राम मांझी और कुशवाहा को 7-9 सीटें मिल सकती हैं. यह संकेत है कि एनडीए अपने घटक दलों को भी बराबरी का दर्जा देने की कोशिश कर रहा है, ताकि चुनावी माहौल में सभी दल एकजुट और मजबूत नजर आएं.एनडीए की सीट बंटवारे की रणनीति इस बार खास इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिहार की राजनीति में कांग्रेस और राजद के बीच तालमेल टूटने के बाद भाजपा और जेडीयू को अपने गठबंधन को मजबूत बनाना है.

सीटों के सही वितरण से एनडीए अपनी जीत की संभावना को और मजबूत कर सकेगा. बहरहाल, जानकारों की नजर में यह कदम एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर धीरे-धीरे बन रही सहमति सिर्फ एक चुनावी फॉर्मैलिटी नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत भी है.

जानकार कहते हैं कि जेडीयू और बीजेपी के बराबर हिस्से, साथ ही चिराग पासवान जैसे छोटे घटक दलों को भी उचित स्थान देना यह दिखाता है कि एनडीए इस बार पूरी ताकत और एकजुटता के साथ मैदान में उतरना चाहता है.

अमित शाह के दौरे के बाद जब सीट बंटवारे का ऐलान होगा, तब यह साफ हो जाएगा कि बिहार की राजनीति में एनडीए किस ताकत और रणनीति के साथ विपक्ष को चुनौती देने जा रहा है. यानी चुनाव से पहले एनडीए का गठबंधन सिर्फ पन्नों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी मजबूत होने की पूरी तैयारी में है.

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *