बिहार के सूरज सिंह किसी के भी लिए मिसाल हैं. सारण जिले के कराह गांव के किसान परिवार में जन्मे सूरज ने पहले नेवी ज्वॉइन की और कई सालों तक देश सेवा की. इसके बाद जब बिजनेस का मन बनाया तो सीधा 1100 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी. सारण जिले के कराह गांव के किसान परिवार में जन्मे सूरज कुमार सिंह की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है.

गांव की गलियों और खेत-खलिहानों से सीखी सादगी, धैर्य और ईमानदारी ने उनके जीवन की दिशा तय की. सुरज कुमार सिंह ने भारतीय नौसेना में 15 वर्षों तक सेवा देकर देश की सुरक्षा में योगदान दिया रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखा और अपनी पेंशन से कराह गांव में निकुंभेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना कर सामाजिक मूल्यों को मजबूत किया मुंबई पोस्टिंग के दौरान उनका रुझान शेयर बाजार की ओर हुआ.
शुरुआती वर्षों में घाटे सहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. सीख को अवसर में बदलते हुए 2020 की महामारी के समय IPO मार्केट में ऐसी रणनीति अपनाई, जिसने उन्हें 100 करोड़ रुपये का मुनाफा दिलाया. यही नहीं, रियल एस्टेट सेक्टर में उन्होंने हिमालय ग्रुप के साथ कई सफल प्रोजेक्ट पूरे किए और 2023 में कर्णिका इंडस्ट्रीज लिमिटेड को IPO के जरिये बाजार में उतारकर कंपनी को महज दो साल में 1100 करोड़ रुपये का मार्केट कैप दिला दिया.
आज उनकी कंपनी देशभर में फैक्ट्रियां और DEE Hub रिटेल चेन चला रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है. उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला. 11 मई 2025 को उन्हें झारखंड में बिरसा मुंडा प्रतिष्ठित पुरस्कार और जून 2025 में दिल्ली सरकार की ओर से व्यापार रत्न पुरस्कार से नवाजा गया इसके साथ ही वे वे देश के विभिन्न IIMs और प्रबंधन संस्थानों में युवाओं को प्रेरित करने के लिए गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित होते हैं
- 1100 crore company
- 15 years in the Indian Navy
- Amazing feat of the son of Bihar
- DEE Hub Retail Chain
- IPO market
- Providing employment to the youth of the country
- standing out from the fields
- Success Story
- Suraj Kumar Singh joined the Indian Navy
- Suraj Singh of Bihar
- The company has factories across the country
- Various IIMs in the country
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