इस शनिवार को आकाश में दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी. इस दिन आसमान में ब्लैक मून यानी काला चांद नजर आएगा. सवाल ये है कि काला चांद निकलने का ज्योतिष अर्थ क्या होता है? इस वीकेंड रात में ब्लैक मून यानी काले चांद का नजारा दिखने वाला है। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना होती है।

जो कभी कभार देखने को मिलती है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है। की क्या दुर्लभ खगोलीय घटना किसी बुरी घटना या किसी प्रलय की भविष्यवाणी से तो नहीं जुड़ी है। यह सवाल इस लिए भी मन में घर कर रहा है। क्योंकि ईसाइयों के धर्मग्रंथ बाइबिल के अंश में कथित तौर पर ब्लैक मून निकलने का जिक्र है।
जो स्पष्ट रूप से दुनिया के लिए एक अशुभ संकेत की ओर इशारा करता है। सहयोगी वेबसाइट WION की रिपोर्ट के मुताबिक, बाइबल की आयत मरकुस 13:24 में कहा गया है कि ‘सूर्य अंधकारमय हो जाएगा और चांद अपना प्रकाश नहीं देगा.’ खगोलविदों के अनुसार, जब भी ब्लैक मून निकलता है तो ठीक ऐसा ही होता है.
इससे पूरी सृष्टि में अंधेरा छा जाता है. हालांकि इससे यह कहा नहीं जा सकता कि कि काला चांद निकलना कोई अशुभता का प्रतीक होता है या शुभता का.खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल ब्लैक मून 23 अगस्त को होगा. जबकि भारत समेत दुनिया के बाकी हिस्सों में यह शनिवार को नजर आएगा. हालांकि, इसमें देखने लायक कुछ नही होगा क्योंकि उस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देगा. अगला ब्लैक मून 20 अगस्त, 2028 को होने वाला है.
यह आमतौर पर हर 33 महीने में एक बार होता है. नशा के मुताबिक जब ब्लैक मून होता है। तो चन्द्रमा के केवल दूर वाला भाग अंधकारमय होता है। यही कारण है कि इस समय इसे नहीं देखा जा सकता है। ऐसे सामान्य भाषा में अमावस्या भी कहा जाता है। आमतौर पर महीने में एक बार अमावस्या आती है।
हालांकि महीने के पहला अमावस्या महीने की शुरुआत में ही तो उसी महीने में दूसरी अमावस्या भी आ सकती है। अब बात करते हैं ब्लैक मून के ज्योतिष प्रभावों की. खगोलविदों का साफ तौर पर मानना है कि यह एक ब्रह्मांडीय घटना है और इसमें चिंता का कोई कारण नहीं होता है.
वहीं ज्योतिष शास्त्र में ब्लैक मून को शक्तिशाली पुनर्स्थापन का प्रतीक बताया गया है. यह बताता है कि अपने लक्ष्य और इरादे निर्धारित करने, सपनों को साकार करने और बदलाव को अपनाने का यह सबसे अच्छा समय होता है. यह अपने में चिंतन करने, आत्मा में झांकने, अपनी ज़रूरतों को पूरा करने और बाकी को मुक्त करने का भी उत्तम समय है. लिहाजा यह अशुभ नहीं बल्कि शुभ समय होता है.
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