Home अंतरराष्ट्रीय समाचार PM मोदी और शी‍ जिनपिंग मुलाकात के बाद भारत को क्‍या मिला ? विदेश मंत्रालय ने बताई अंदर की बात
अंतरराष्ट्रीय समाचार

PM मोदी और शी‍ जिनपिंग मुलाकात के बाद भारत को क्‍या मिला ? विदेश मंत्रालय ने बताई अंदर की बात

Share
PM Modi and Xi Jinping meeting
विदेश मंत्रालय ने बताई अंदर की बात
Share

पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने तियानजिन में मुलाकात कर भारत-चीन संबंधों, सीमा शांति, सहयोग और विकास पर चर्चा की, दोनों ने साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग पर जोर दिया. सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के समग्र विकास के लिए बीमा की तरह है. और इसीलिए सीमा पर स्थिति किसी न किसी रूप में समग्र संबंधों पर प्रतिबिंबित होगी.

PM Modi and Xi Jinping meeting
विदेश मंत्रालय ने बताई अंदर की बात

विदेश मंत्रालय ने चीन के तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई वार्ता पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “पीएम मोदी और जिनपिंग ने दोनों देशों की दीर्घकालिक वृद्धि और विकास के लिए अपने दृष्टिकोण साझा किए.

भारत और चीन दोनों ने माना कि उनका मुख्य ध्यान घरेलू विकास लक्ष्यों पर है, वे प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार हैं. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि स्थिर और सौहार्दपूर्ण संबंध 2.8 अरब लोगों के हित में होंगे.”उन्होंने कहा, “मोदी और शी ने द्विपक्षीय संबंधों के अपने-अपने सिद्धांतों पर बात की, जिनसे भविष्य के कार्यों को दिशा देने में मदद मिलने की उम्मीद है.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए चार सुझाव – 1. रणनीतिक संवाद को मज़बूत करना और आपसी विश्वास को गहरा करना, 2. आदान-प्रदान और सहयोग का विस्तार करना, 3. परस्पर लाभ और साझा सफलता प्राप्त करना, 4. एक-दूसरे की चिंताओं का ध्यान रखना, और अंत में बहुपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करना – दिए.”

विक्रम मिसरी ने बताया कि सीमा मुद्दा भी दोनों नेताओं की चर्चाओं में शामिल रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने संबंधों के निरंतर और सुचारू विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द की आवश्यकता पर बल दिया. दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष हुए सफल डिसएंगेजमेंट और उसके बाद सीमा क्षेत्रों में बनी शांति और स्थिरता पर संतोष व्यक्त किया.

उन्होंने कहा, “मोदी और शी का मानना था कि भारत और चीन के बीच मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने देना चाहिए. राष्ट्रपति शी के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पार आतंकवाद का भी जिक्र किया.” टैरिफ को लेकर अमेरिका से बिगड़े संबंधों के मद्देनजर पीएम मोदी और जिनपिंग की यह मुलाकात काफी मायने रखती है.

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *